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पाठ्य
सहगामी क्रियाकलाप
- विभागीय परिषदें – महाविद्यालय के समस्त विभाग अपनी – अपनी विभागीय परिषदों का गठन करते हैं । विभागीय परिषदों में छात्र / छात्राएं विभागीय शैक्षणिक, सह – शैक्षणिक गतिविधियों में सहभागिता के साथ – साथ भ्रमण आदि में प्रतिभाग करते हैं । महाविद्यालय में अन्तर्विभागीय प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं । विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया है ।
- सांस्कृतिक परिषद् – महाविद्यालय में छात्र / छात्राओं में सन्निहित साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं अन्य ललित कलाओं सम्बन्धी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित एवं सम्बर्धित किया जाता है । प्रतिभावान छात्र / छात्राओं को महाविद्यालय / विश्वविद्यालय अथवा अन्य उच्च स्तरों पर सम्पन्न होने वाले सांस्कृतिक – साहित्यिक आयोजनों में प्रतिभाग सुनिश्चित कराने हेतु सांस्कृतिक परिषद का गठन किया जाता है ।
- क्रीड़ा एवं खेलकूद- ” स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है ” महाविद्यालय के छात्र / छात्राओं के मानसिक उन्नयन के साथ – साथ शारीरिक विकास पर भी ध्यान दिया जाता है । जिसके लिए शिक्षा सत्र के दौरान क्रीड़ा सम्बन्धी विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जाती है । योग्य छात्र / छात्राओं का चयन कर विभिन्न अन्तर्महाविद्यालय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कराया जाता है । महाविद्यालय स्तर पर वार्षिक क्रीडा समारोह आयोजित किया जाता है । जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने प्रतिभागियों को महाविद्यालय वार्षिक समारोह में पुरस्कृत किया जाता है । महाविद्यालय में एथलेटिक्स, क्रिकेट, हॉकी, बैडमिन्टन, बॉलीवॉल, फुटबॉल, टेबल टेनिस, शतरंज आदि खेलों की सुविधा उपलब्ध है ।
स्वच्छ भारत अभियान
राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान के अन्तर्गत महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता बनाये रखने हेतु सप्ताह में एक दिन -सभी छात्र / छात्राएं : प्राध्यापक एवं कर्मचारी स्वच्छता अभियान में प्रतिभाग करेंगे । इसके अतिरिक्त सभी की यह जिम्मेदारी भी होगी कि कूड़ा – करकट केवल महाविद्यालय में रखे प्लास्टिक के कूड़ेदान में ही डालें । तम्बाकू, गुटका, खैनी तथा इनसे सम्बन्धित अन्य वस्तुओं का सेवन न करें, ताकि महाविद्यालय का पर्यावरण प्रदूषित होने से बच सके । यदि कोई व्यक्ति परिसर या इसके आस – पास गन्दगी एवं प्रदूषण फैलाते हुए या नशा का सेवन करते हुए पाया जाता हैं, तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी ।