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प्रवेश प्रक्रिया
श्री देव सुमन उत्तरखण्ड विश्वविद्यालय से सम्बद्ध इस राजकीय महाविद्यालय में प्रवेश पाठयक्रम एवं परीक्षा संचालन हेतु विश्वविद्यालय एवं उच्च शिक्षा निदेशालय उत्तराखण्ड, हल्द्वानी ( नैनीताल ) द्वारा समय – समय पर निर्गत नियम / आदेश / निर्देश प्रभावी होते है ।
प्रवेश प्रक्रिया एवं सामान्य प्रवेश नियम
1. प्रवेशार्थी आवेदन पत्र जमा करने से पूर्व निम्नांकित नियम अवश्य पढ़ लें । प्रवेश सम्बन्धी आवश्यक अर्हता पूर्ण करने के पश्चात ही प्रवेश आवेदन पत्र भरें । जिस प्रवेशार्थी के पास न्यूनतम आवश्यक अर्हता नहीं है, फिर भी वह आवेदन करता है तो वह किसी भी प्रकार के प्रवेश का दावेदार नहीं होगा ।
A. महाविद्यालय में प्रवेश हेतु आवेदन पत्र विवरणिका सहित कार्यालय से निर्धारित शुल्क देने पर प्राप्त किया जा सकता है । प्रवेश आवेदन पत्र के साथ श्रेष्ठता / मेरिट एवं पंजीकरण आवेदन पत्र भी संलग्न है । प्रवेशार्थी इस आवेदन पत्र की सभी प्रविष्टियों को पूर्ण करने के उपरान्त निर्धारित तिथि तक अनिवार्य रूप से महाविद्यालय में जमा करेगा तथा मेरिट में नाम पर ही प्रवेश आवेदन पत्र जमा करेगा श्रेष्ठता आवेदन पत्र मंा जिस वर्ग में आरक्षण चाहते हैं, उस वर्ग का आरक्षण प्रमाण पत्र जमा करना होगा तभी आरक्षण का लाभ देय होगा । अपूर्ण श्रेष्ठता ( मेरिट ) किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जाएगा । मेरिट फार्म में दी गई सूचना को सत्य मानते हुये मेरिट तैयार की जाएगी और बाद में कोई परिवर्तन मान्य नहीं होगा । पंजीकरण आवेदन – पत्र को भली – भांति सोच समझकर भरें ।
B. स्नातक स्तर पर विभिन्न संकायों / विषयों में प्रवेश हेतु प्रवेशार्थी अलग – अलग आवेदन – पत्र प्रस्तुत करे अन्यथा एक प्रवेश आवेदन पत्र के आधार पर अन्य संकाय / विषयों में प्रवेश पर विचार संभव नहीं होगा ।
C. प्रवेशार्थी प्रवेश आवेदन पत्र के साथ निम्न प्रमाण पत्र अवश्य संलग्न करें प्रमाण पत्रों के अभाव में आवेदन पत्र जमा नहीं किया जाएगा ।
• अन्तिम शिक्षण संस्था द्वारा प्रदत्त स्थानान्तरण प्रमाण पत्र ( टी.सी. ) एवं चरित्र प्रमाण पत्र ( सी.सी. ) ।
• विगत समस्त परीक्षाओं के अंक पत्रों की सत्यापित प्रतिलिपियाँ
• हाईस्कूल प्रमाण पत्र की सत्य प्रतिलिपि ( आयु प्रमाण पत्र के लिये)
• पासपोर्ट आकार के नवीनतम चार रंगीन फोटो
• महाविद्यालय / विश्वविद्यालय / राज्य / राष्ट्रीय स्तर के खेलकूद तथा एन.एस.एस. / स्काउट / ध्रुवमद / गुरुपद / साक्षरता / एन.सी.सी. प्रमाण पत्रों की स्वप्रमाणित सत्य प्रतिलिपियाँ ।
• अर्हता परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात् एक वर्ष से अधिक अन्तराल ( गैप पीरियड ) होने पर प्रवेश नहीं दिया जायेगा । एक वर्ष के अन्तराल होने पर प्रवेशार्थी को स्टाम्प पेपर पर शपथपत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है तथा राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रदत्त नवीनतम ( छः माह से अधिक पुराना न हो ) चरित्र प्रमाण पत्र संलग्न करना आवश्यक है । जिन कक्षाओं में प्रवेश मेरिट के आधार पर होंगे वह एक वर्ष के गैप हेतु 5 अंक मेरिट से घटा दिये जायेंगे ।
• अनुसूचित जाति / जनजाति / उत्तराखण्ड के अन्य पिछड़ा वर्ग / स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी के आश्रित / विकलांग प्रवेशार्थियों को सक्षम अधिकारी ( एस.डी.एम. / परगना मजिस्ट्रेट / तहसीलदार ) द्वारा प्रदत्त जाति प्रमाण – पत्र व आय प्रमाण पत्र प्रवेश आवेदन पत्र के साथ संलग्न करना आवश्यक है अन्यथा आरक्षण का लाभ देय नहीं होगा ।
2. प्रवेश के लिए आवश्यक सभी प्रपत्र प्रवेश आवेदन पत्र के साथ ही जमा करने होंगे । आवेदन पत्र जमा करने के पश्चात किसी भी प्रकार का कोई प्रपत्र आवेदन पत्र में संलग्न नहीं किया जायेगा । अपूर्ण आवेदन पत्र पर विचार करना सम्भव नहीं होगा । जिस छात्र / छात्रा के प्रमाण पत्रों में नाम की त्रुटि है, उसे शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा कि दोनों नाम उसी के हैं प्रवेश आवेदन पत्र के साथ वोटर आई.डी. (मतदाता पहचान पत्र) / आधार कार्ड की सत्यापित प्रतिलिपि लगाना अनिवार्य है ।
3. स्नातक स्तर पर विज्ञान वर्ग में प्रवेश के लिए इण्टरमीडिएट या समकक्षीय परीक्षा में 45 प्रतिशत कला के लिए स्नातक स्तर पर प्रवेश के लिए 40 प्रतिशत अंक आवश्यक है परन्तु 44.9 प्रतिशत अथवा 39.9 प्रतिशत को क्रमशः 45 प्रतिशत अथवा 40 प्रतिशत नहीं माना जायेगा । अनुसूचित जाति / जनजाति के लिये प्रवेश अर्हता में स्नातक स्तर पर 5 प्रतिशत की छूट होगी ।
4. यदि कोई बाहय अथवा व्यक्तिगत छात्र / छात्रा स्नातक द्वितीय / तृतीय वर्ष में प्रवेश लेना चाहता है तो स्थान रिक्त होने की स्थिति में अर्हता हेतु न्यूनतम प्राप्तांक कला के लिये 40 प्रतिशत एवं विज्ञान के लिये 45 प्रतिशत होने की दशा में ही प्रवेश दिया जा सकता है ।
5. विश्वविद्यालय प्रवेश समिति द्वारा बनाये गये नियमों के अन्तर्गत सभी सम्बन्धित कक्षाओं में ऑन लाइन / ऑफ लाइन ( On Line / Off Line ) पद्धति से प्रवेश सम्बन्धित संकायाध्यक्ष / प्राचार्य / सक्षम अधिकारी द्वारा किये जाएंगे । सभी विषयों में विश्वविद्यालय से सम्बद्ध प्रत्येक महाविद्यालय / संस्थान एवं विश्वविद्यालय के परिसरों के लिये विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित सीटों पर ही प्रवेश किये जायेंगे ।
6. विश्वविद्यालय से निर्धारित प्रवेश की अन्तिम तिथि के पश्चात् प्रवेश सम्भव नहीं होगा On Line / Off Line प्रवेश की तिथि के निर्धारण / परिवर्तन / विस्तार के सम्बन्ध में अन्तिम निर्णय विश्वविद्यालय का होगा ।
7. परिसरों / महाविद्यालयों / संस्थानों में प्रवेश हेतु विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न अभ्यर्थियों के On Line / Off line प्रवेश आवेदनों के आधार पर अन्तिम योग्यता सूची तैयार की जाएगी तथा काउंसलिंग के उपरान्त परिसर / महाविद्यालय / संस्थान अन्तिम योग्यता सूची के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया सम्पादित की जायेगी । उन्हीं विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जायेगा । जिनकी समस्त अर्हताओं तथा On Line / Off Line . प्रवेश आवेदन पत्र / फार्मेट में अंकित सूचनाओं का सत्यापन मूल अंकपत्रों व प्रमाणपत्रों के आधार पर परिसर / महाविद्यालय / संस्थान स्तर पर सत्यापन ( Verification ) कर लिया गया हो ।
8. On Line / Off Line माध्यम से उपरोक्तानुसार आवेदन किए हुए अभ्यर्थियों को प्रवेश प्रक्रिया के समय सम्बन्धित परिसर / महाविद्यालय / संस्थान में अपने ऑन लाईन / ऑफ लाइन आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी, शैक्षणिक मूल प्रमाणपत्रों एवं अंकतालिकाओं तथा अन्य आवश्यक प्रमाण पत्रों यथा अधिभार / आरक्षण विषयक प्रमाण पत्रों आदि में से प्रत्येक की स्पष्ट स्वप्रमाणित छायाप्रति के साथ स्वयं प्रवेश समिति के समक्ष उपस्थित होना अनिवार्य होगा ।
9. अभ्यर्थी तथा उसके अभिभावक द्वारा प्रवेश प्रक्रिया के समय विश्वविद्यालय की वेबसाईट में प्रवेश प्रक्रिया के अन्तर्गत उपलब्ध प्रारूप ( क ) तथा प्रारूप ( ख ) में उल्लेखित निर्धारित शपथ – पत्र पर हस्ताक्षर करने होंगे शपथ पत्र में अभ्यर्थी के हस्ताक्षर महाविद्यालय / संस्थान / विश्वविद्यालय के परिसरों द्वारा गठित प्रवेश समिति के शिक्षक द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित किये जाएंगे ।
10. किसी पाठ्यक्रम के अध्यापन के लिए शिक्षकों की संख्या तथा प्रयोगात्मक कक्षाओं में स्थान तथा संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर ही प्रवेश हेतु सीटों की संख्या निर्धारित की जाएगी ।
( क ) जो अभ्यर्थी नैतिक भ्रष्टाचार अथवा टिसा के अभियोग में न्यायालय द्वारा दण्डित किया गया हो उसे किसी भी पाठ्यक्रम / कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा यदि प्रवेश के बाद उसे नैतिक भ्रष्टाचार अथवा हिंसा के अभियोग में न्यायालय द्वारा दण्डित किया जाता है तो उसका प्रवेश सम्बन्धित महाविद्यालय / विश्वविद्यालय परिसर द्वारा निरस्त कर दिया जाएगा तथा जिसकी लिखित सूचना विश्वविद्यालय को यथाशीघ्र तथ्यों सहित लिखित रूप से प्रेषित करना अनिवार्य होगा ।
( ख ) यदि कोई अभ्यर्थी विश्वविद्यालय / महाविद्यालय की किसी कक्षा में धोखाधड़ी से प्रवेश लेता है तो उसका प्रवेश सम्बन्धित संकायाध्यक्ष / प्राचार्य द्वारा किसी भी स्तर पर निरस्त किया जा सकता है तथा जिसकी लिखित सूचना विश्वविद्यालय को यथाशीघ्र प्रेषित करना अनिवार्य होगा ।
( ग ) यदि किसी छात्र के विरुद्ध न्यायालय में कोई वाद चल रहा हो और वह जमानत पर रिहा हो चुका हो, ऐसे छात्रों को मा. न्यायालय के आदेश के क्रम में अहं होने पर ही प्रवेश देने पर विचार किया जा सकता है ।
( घ ) किसी विद्यार्थी को आपराधिक गतिविधि के कारण पुलिस / प्रशासन द्वारा निरूद्ध किये जाने की दशा में सम्बन्धित छात्र को निरूद्ध की गयी अवधि के लिए महाविद्यालय / विश्वविद्यालय परिसर से निलम्बित कर दिया जाएगा तथा उसका प्रवेश निरस्त हो जाएगा ।
11. सम्बन्धित संकायाध्यक्ष / प्राचार्य अथवा प्रवेश स्वीकृत करने के लिये रक्षण अधिकारी / समिति युक्ति संगत कारण होने पर अपने विवेकानुसार किसी भी समय प्रदेश अस्वीकार / निरस्त कर सकते हैं । इस सम्बन्ध में उनका निर्णय अन्तिम होगा तथा इसकी लिखित सूचना विश्वविद्यालय को तथ्यों सहित प्रेषित करना अनिवार्य होगा ।
12. ( क ) किसी भी अभ्यर्थी को जो महाविद्यालय / संस्थान / विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासनहीनता करने पर दण्डित किया गया हो, ऐसे अभ्यर्थी को विश्वविद्यालय के किसी भी परिसर / महाविद्यालय / संस्थान में प्रवेश नहीं दिया जाएगा ।
( ख ) किसी भी अभ्यर्थी को यदि विश्वविद्यालय / महाविद्यालय में अनुचित साधन प्रयोग करने पर दण्डित किया गया हो, ऐसे अभ्यर्थी को अनुचित साधन प्रयोग हेतु विश्वविद्यालय द्वारा दिये गये दण्ड विश्वविद्यालय के किसी भी परिसर / महाविद्यालय में प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश नही दिया जाएगा तथा ऐसे अभ्यर्थी द्वारा यह राय अप्रकट रखते हुए लिये गये प्रवेश को प्रवेश नियम 1.7 ( ख ) के अन्तर्गत ” धोखाधड़ी से प्रवेश लेना ” माना जायेगा तथा ऐसे प्रकरण की जानकारी होने पर परिसर / महाविद्यालय द्वारा यथोचित वैधानिक कार्यवाही की जायेगी जिसकी सूचना परिसर / महाविद्यालय / संस्थान द्वारा विश्वविद्यालय कार्यालय को 15 कार्य दिवसों के अन्तर्गत अनिवार्यतः उपलब्ध करायी जायेगी ।
13. प्रवेशरत किसी भी विद्यार्थी ने यदि विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना प्रवर्जन प्रमाण – पत्र ( Migration Certificate ) सम्बन्धित महाविद्यालय / संस्थान / संकाय में जमा न किया हो तो ऐसे विद्यार्थी को दिया गया प्रवेश सक्षम अधिकारी द्वारा निरस्त किया जा सकता है ।
14. अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आरक्षण उत्तराखण्ड शासन के निर्देशों के अनुसार अनुमन्य होगा, जोकि निम्नवत् है –
अनुसूचित जाति 19 प्रतिशत
अनुसूचित जनजाति 04 प्रतिशत
अन्य पिछड़ा वर्ग 14 प्रतिशत
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग 10 प्रतिशत ( निर्धारित सीटों के अतिरिक्त )
( आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग व अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण सम्बन्धी अद्यतन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा, जो उत्तराखण्ड शासन द्वारा निर्धारित वैधता अवधि से पूर्व की न हो )
नोट – स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों महिलाओं, भूतपूर्व सैनिकों तथा दिव्यांग व्यक्तियों को उत्तराखण्ड सरकार के शासनादेशानुसार क्षैतिज आरक्षण ( Horizontal Reservation ) अनुमन्य होगा
1. महिलायें 30 प्रतिशत
2. भूतपूर्व सैनिक 05 प्रतिशत
3. दिव्यांग 04 प्रतिशत
4. स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित 02 प्रतिशत
(जो महिला / व्यक्ति जिस वर्ग का होगी / होगा उसे उसी श्रेणी का क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation) अनुमन्य होगा किन्तु प्रत्येक वर्ग में सामान्य योग्यताक्रम में यदि चयन के बाद उपर्युक्त प्रतिशत के साथ यदि अभ्यर्थियों की संख्या पूर्ण हो जाती है तो अतिरिक्त आरक्षण देय नहीं होगा ) उत्तराखण्ड शासन द्वारा नीतिगत संशोधन के अनुसार आरक्षण की स्थिति निर्धारित जा सकती है ।
15. मानव संसाधन विकास मंत्रालय, नई दिल्ली से प्राप्त निर्देशों के आधार पर कश्मीरी विस्थापित छात्रों को प्रदेश में निम्नलिखित सुविधायें प्रदत्त की जाएगी ।
( i ) Extension in date of admission upto 30 days
( ii ) Relaxation in cut – off percentage upto 10 % suhject to minimum eligibility requirement .
( iii ) Waiving of domicile requirements .
16. स्नातक स्तर पर प्रवेश लेने वाले छात्रों को निम्नलिखित श्रेणी में आने पर वांछित प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने की दशा में उनके सम्मुख अंकित अंकों का लाभ देय होगा ।
बी ० एस – सी ० / बी.ए. प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिये योग्यता सूचाकांक निर्धारण हेतु नियम
• प्रवेश के लिये इण्टरमीडिएट या समकक्षीय परीक्षा में कम से कम 45 प्रतिशत अंक आवश्यक है, परन्तु प्रवेश मेरिट के आधार पर उपलब्ध स्थानों पर ही किये जायेंगे ।
• इण्टरमीडिएट कृषि वर्ग के छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जायेगा ।
• स्नातक स्तर पर प्रवेश परीक्षा योग्यता सूचकांक अथवा मेरिट के आधार पर होगा ।
• इण्टरमीडिएट या समकक्षीय परीक्षा उत्तीर्ण होने के दो वर्षो से अधिक के गैप का प्रवेश नहीं दिया जाएगा ।
• इण्टरमीडिएट या समकक्षीय परीक्षा उत्तीर्ण होने के उपरान्त यदि किसी पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया गया है तो उसे गैप नहीं माना जायेगा ।
• प्रवेश के लिये योग्यता सूचकांक का निर्धारण निम्नवत होगा ।
( क ) इण्टरमीडिएट के प्राप्तांक का प्रतिशत
( ख ) अधिभार निर्धारण हेतु देय अंक निम्नवत होंगे ।
गढ़वाल मण्डल से इण्टरमीडिएट / समकक्षीय परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र / छात्राओं 05 अंक तथा उसी जनपद से उत्तीर्ण होने पर जहाँ सम्बन्धित महाविद्यालय स्थित है पर 03 अंक अतिरिक्त देय होंगे ।
महाविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों / शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के पुत्र / पुत्री / पति / पत्नी को 10 अंक अतिरिक्त देय होंगे ।
इण्टरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण के पश्चात 1 वर्ष का अन्तराल होने पर कुल योग्यता सूचकांक में से 5 अंक कम कर दिये जायेंगे ।
राज्य स्तर एवं राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व करने वाले को क्रमश 05 और 07 अतिरिक्त अंक देय होंगे ।
एन.एस.एस. धारक को 02 अंक एन.सी.सी. ए प्रमाण पत्र धारक तथा सी प्रमाण पत्र धारक को 03 को 01 अंक तथा ‘ बी ‘ प्रमाण पत्र अंक देय होंगे ।
स्काउट में जी . – 1 धारक को 01 तथा जी . – 2 धारक को 02 अतिरिक्त अंक दिये जायेंगे ।
ध्रुवपद / गुरुपद धारक को 2 अंक देय होगे
नोट : -उपरोक्त वर्णित ग ( i से iv ) तक की श्रेणी में आने वाले प्रवेशार्थियों को किसी भी दशा में 07 अंक से अधिक का लाभ नहीं दिया जायेगा ।
17. ( क ) यदि किसी अभ्यर्थी में स्नातक स्तर पर किसी विषय / संकाय / महाविद्यालय में प्रवेश ले लिया है और उसके उपरान्त वह अपने विषय / संकाय / महाविद्यालय में परिवर्तन चाहता है तो उक्त परिवर्तन सम्बन्धित परिसरों / महाविद्यालय / संस्थानों द्वारा उनको अनापत्ति ( NOC ) के पश्चात् निर्धारित शुल्क जमा करते हुए प्रवेश हेतु निर्धारित अन्तिम तिथि तक स्थान रिक्त होने की दिशा में ही अनुमन्य होगा ।
( ख ) प्रवेश हेतु निर्धारित अन्तिम तिथि के पश्वा परिसर / महाविद्यालय / संस्थान स्तर पर कोई भी परिवर्तन किया जाना अनुगन्य नहीं होगा ।
18. स्नातक कक्षा में प्रवेश हेतु में –
प्रवेश नियमों के अन्तर्गत रहते हुए किसी भी अभ्यर्थी को इण्टरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरान्त
अभ्यर्थी को प्रवेश योग्यता सूची के आधार कक्षा में स्थान रिक्त होने पर दिये जायेगे ( शैक्षणिक अवरोध की दशा में योग्यता सूची तैयार किये जाने हेतु प्रत्येक वर्ष के लिये विद्यार्थी की इन्टरमीडिएट परीक्षा में प्राप्ताकों के 05 प्रतिशत अंक कम किये जायेंगे ) ।
किसी भी एक वर्ष को पूरा करने की अधिकतम अवधि तीन वर्ष होगी । यदि विद्यार्थी सततता में तीनों वर्ष में पढ़ाई करता है तो उसे अधिकतम नौ वर्ष मिलेंगे किन्तु यदि विद्यार्थी किसी एक वर्ष का सर्टिफिकेट एवं दो वर्ष का डिप्लोमा लेकर चला जाता है तो वह बाकी के वर्षों की पढ़ाई पूरा करने के लिए तीन वर्ष (प्रति एक वर्ष की पढ़ाई) के मिलेंगे ।
भविष्य में यू०जी०सी० के माध्यम से उपरोक्त सम्बन्ध में जो भी दिशा निर्देश प्राप्त होंगे उसके आधार पर आवश्यक परिवर्तन किया जाना आवश्यक होगा ।
19. श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय बादशाहीथील टिहरी गढ़वाल से सम्बद्ध महाविद्यालयों / परिसरों / संस्थानों में बिना स्थानान्तरण प्रमाण – पत्र (टी०सी०) के किसी भी विद्यार्थी को स्नातक कक्षाओं / पाठ्यक्रमों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा । विशेष परिस्थिति में प्रवेश अनुमन्य किये जाने पर अधिकतम एक माह के भीतर सम्बन्धित महाविद्यालय / संस्थान / संकाय में स्थानान्तरण प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होगा अन्यथा प्रवेश निरस्त किया जा सकता है ।
20. ( क ) प्रत्येक विद्यार्थी हेतु सम्बन्धित विषयों की कक्षाओं में नियमानुसार न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी विशेष परिस्थितियों में संकायाध्यक्ष / प्राचार्य द्वारा 05 प्रतिशत तक तथा संकायाध्यक्ष / प्राचार्य की संस्तुति पर कुलपति जी द्वारा 10 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जा सकती है ।
( ख ) अभ्यर्थी के प्रवेश से सम्बन्धित वाद – विवाद के निपटारे हेतु सम्बन्धित महाविद्यालय / परिसर में संस्थाध्यक्ष की अध्यक्षता में गठित प्रवेश रागिति द्वारा निर्णय लिया जायेगा, जोकि अभ्यर्थी को मान्य होगा ।
21. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के रैगिंग संबंधी विनियम 2008 में उल्लिखित प्रावधानों के अंतर्गत उच्च शिक्षण संस्थानों में रैगिंग प्रतिबंधित एवं निषिद्ध है । रैगिंग के मामले में अपराधी पाए जाने पर संबंधित छात्र – छात्रा के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्यवाही की जा सकती है । वैधानिक नियन्त्रण विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित उक्त प्रवेश नियमों में आवश्यकता के अनुरूप परिवर्तन करने का अधिकार श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय बादशाहीथौल, टिहरी गढ़वाल के मास सुरक्षित होगा तथा परिवर्तन सभी पक्षों को मान्य होगा ।
22. स्नातक स्तर पर केवल प्रथम वर्ष में एक बार अनुत्तीर्ण हुए इस महाविद्यालय के संस्थागत छात्र / छात्रा को ही संकाय बदलकर प्रवेश दिया जायेगा । एक से अधिक बार अनुत्तीर्ण छात्र / छात्रा को संकाय बदलकर प्रवेश नहीं दिया जायेगा ।
23. गत वर्ष के महाविद्यालय के संस्थागत छात्रों के लिये प्रवेश आवेदन पत्र के साथ विगत परीक्षा के अंक पत्र की सत्यापित प्रतिलिपि संलग्न करना आवश्यक है ।
24. स्नातक स्तर पर केवल प्रथम वर्ष में प्रवेश मेरिट के आधार पर उपलब्ध संसाधनों व स्वीकृत सीटों की संख्या के अन्तर्गत ही दिया जायेगा ।
25. स्नातक स्तर की द्वितीय तथा तृतीय वर्ष की कक्षाओं में अनुत्तीर्ण / ड्रॉप आउट अथवा किसी अन्य कारण से परीक्षा में सम्मिलित न होने वाले छात्र / छात्राओं को प्रवेश नहीं दिया जायेगा । ड्रॉप – आउट को अनुत्तीर्ण माना जायेगा तथा संस्थागत छात्र के रूप में पुनः प्रवेश नहीं दिया भूतपूर्व / ड्रॉप – आउट माना जाएगा । वह छात्र / छात्रा जिसने महाविद्यालय में प्रवेश लिया हो तथा परीक्षा फार्म भरा हो भूतपूर्व / ड्रॉप – आउट माना जाएगा ।
26. माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुपालन में भारत सरकार द्वारा जारी आदेशानुसार संकायों के स्नातक स्तर पर केवल द्वितीय वर्ष में पर्यावरण अध्ययन में सत्र 2006-07 प्रवेश लेना अनिवार्य है । इस विषय को उत्तीर्ण किये बिना छात्र / छात्रा को विश्वविद्यालय द्वारा उपाधि प्रदत्त नहीं की जायेगी ।
27. स्नातक स्तर पर दो प्रवेशार्थियों के मेरिट सूचकांक बराबर होने पर सम्बन्धित विषय के कुल अंको के सूचकांक के आधार पर मेरिट तय की जायेगी । सम्बन्धित विषय के कुल अंको के बराबर होने पर प्रवेशार्थी की मेरिट उसके उस विषय के केवल थ्योरी परीक्षा अंकों के आधार पर ही तय होगी । जहां प्रयोगात्मक विषय न हो जन्मतिथि के आधार पर प्रवेश दिया जायेगा ।
28. प्रवेशार्थियों द्वारा प्रवेश के समय आवेदन पत्र पर यदि कोई भी विवरण असत्य पाया गया तो उसका प्रवेश निरस्त कर दिया जायेगा तथा उन पर कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी
29. शासकीय आदेश 2421 / 15-10-85-15 / 134 / 86 दिनांक 8 मई 1987 के अनुसार अवांछनीय तत्वों अथवा अध्ययन में रुचि न रखने वाले छात्र / छात्राओं को प्रवेश से वंचित किया जा सकता है । यदि प्रवेश दिया जा चुका है तो इस तथ्य का पता लगने पर प्रवेश सं.अ.शा. निरस्त कर दिया जायेगा ।
30. एक बार प्रवेश हेतु आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को जिनका प्रवेश नहीं हो सका है अन्यत्र प्रवेश लेने के पश्चात स्थानान्तरण से प्रवेश चाहता है तो उसको प्रवेश नहीं दिया जायेगा साथ ही मिथ्या एवं अपूर्ण सूचनाएं प्रकाश में आने पर प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा ।
31. सभी कक्षाओं में प्रवेश के लिये 90 प्रतिशत सीटें उत्तराखण्ड के निवासियों के लिये होंगी । उत्तराखण्ड के बाहर के अभ्यर्थियों को अधिकतम 10 प्रतिशत स्थानों पर इस प्रतिबन्ध के साथ ही प्रवेश मिल सकेगा कि वे वरीयता सूचकांक में अर्ह होंगे । इन्हीं 10 प्रतिशत स्थानों में नियमानुसार आरक्षण प्रदेश के बाहर के अभ्यर्थियों को देय होगा ।
32. प्रवेश आवेदन पत्रों पर प्राचार्य द्वारा नियुक्त प्रवेश / साक्षात्कार समिति विचार करेगी तथा प्रवेशार्थियों को सूचना पट्ट पर सूचना देकर साक्षात्कार हेतु सूचित किया जायेगा । प्रवेशार्थी को साक्षात्कार के समय मूल प्रमाण पत्रों सहित उपस्थित होना अनिवार्य है । अनुपस्थित प्रवेशार्थियों के आवेदन पत्र पर किसी भी प्रकार से विचार नहीं किया जायेगा ।
33. प्रवेश हेतु स्वीकृत विद्यार्थियों की सूची महाविद्यालय / विभागीय सूचनापट्ट पर लगा दी जायेगी । छात्र / छात्रा से इस संदर्भ में अलग से कोई पत्र व्यवहार नहीं किया जाएगा ।
34. शिक्षा सत्र के मध्य में स्थानान्तरण के कारण सेवारत कर्मचारियों के पाल्यों ( पुत्र / पुत्री / पत्नी ) के प्रवेश आवेदन पत्र पर तभी विचार किया जायेगा जब रिक्त स्थान हों तथा उन्होंने जनपद में कार्यभार ग्रहण कर लिया हो ऐसे कर्मचारियों को स्थानान्तरण एवं कार्यभार ग्रहण करने की प्रतिलिपि भी आवेदन पत्र के साथ जमा करनी आवश्यक है ।
35. सेवारत प्रवेशार्थियों को अपने नियोजक / संरक्षक अधिकारी से प्रवेश हेतु लिखित अनुमति प्रस्तुत करनी होगी अनुमति के अभाव में प्रवेश देय नहीं होगा । महाविद्यालय में प्रवेश के दौरान अन्यत्र सेवा में संलग्न व्यक्तियों के अनुमति सम्बन्धी समस्त दायित्व सम्बन्धित छात्र का होगा, पर पुलिस कार्यवाही / एफ.आई.आर. दर्ज की जायेगी ।
36. महाविद्यालय में छात्र / छात्राओं को स्नातक स्तर पर अधिकतम नौ ( 9 ) वर्ष के अन्तर्गत ही अध्ययन करने की सुविधा होगी । इस अवधि में 3 -3 साल का गैप भी सम्मिलित किया गया है । इसके अतिरिक्त अध्ययन करने की अनुमति नहीं होगी ।
37. शासन / विश्वविद्यालय वर्तमान सत्र हेतु अतिरिक्त प्रवेश नियम प्राप्त होने पर भी तदनुसार आवश्यक परिवर्तन कर दिया जाएगा ।
38. प्राचार्य को बिना कारण बताए प्रवेश अस्वीकृत करने, न देने एवं निरस्त करने का अधिकार है ।
39. स्नातक स्तर पर जहां प्रवेश हेतु सीटें निर्धारित है उनमें सीट रिक्त होने पर भी प्रदेश की अंतिम तिथि के बाद प्रवेश अनुमन्य नहीं होगा ।
40. प्रथम वर्ष की कक्षाओं को छोड़कर अन्य कक्षाओं में प्रवेश शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा / बैक पेपर परीक्षा के परीक्षाफल निकलने के 10 दिन के अन्दर अनिवार्य है अन्यथा की स्थिति में प्रवेश स्वतः निरस्त माना जाएगा ।
41. दूसरे विश्वविद्यालय से स्थानान्तरित होकर आये छात्र / छात्राओं का प्रवेश इस विश्वविद्यालय की अनुमति के उपरान्त ही देय होगा परन्तु महाविद्यालय से प्रार्थना पत्र अग्रसारित होना अनिवार्य है ।
42. प्रवेश प्रतिबन्ध निम्नांकित श्रेणी के प्रवेशार्थी प्रवेश के पात्र नहीं होगें ।
• किसी भी कारण से विगत परीक्षा में सम्मिलित होने से रोके जाने पर
• विगत वर्षों में जिनका आचरण अनुशासन मंडल / प्राचार्य के विचार से असंतोषजनक रहा हो ।
• अनुचित साधन प्रयोग करने के अंतर्गत दण्डनीय छात्र / छात्रा
• अर्हता परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात 1 वर्ष से अधिक का व्यवधान होने पर
• स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात पुनः विषय / संकाय बदलकर प्रवेश हेतु आवेदन करने पर ।
• दूसरे विश्वविद्यालय से आये छात्रों को प्रवजन / माइग्रेसन प्रमाण – पत्र परीक्षा फार्म के साथ जमा करना अनिवार्य है ।
• छात्र / छात्रा द्वारा जमा की गयी प्रतिभूति धनराशि उसके उत्तीर्ण होने के एक वर्ष तक ही सुरक्षित रखी जायेगी । तदुपरान्त वह निरस्त समझी जायेगी ।
• अंक सुधार ( बैक पेपर ) परीक्षा में उत्तीर्ण केवल उन्हीं संस्थागत अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जायेगा जो मुख्य परीक्षा में अनुतीर्ण रहे हो ।
• विश्वविद्यालय अथवा शासन से अतिरिक्त निर्देशों के प्राप्त होने पर बिना किसी पूर्व सूचना के किसी भी में परिवर्तन / संशोधन करने का पूर्ण शुल्क अधिकार प्राचार्य को होगा ।
• संस्थागत छात्र उपाधि हेतु एक ही सत्र में अन्य किसी शिक्षण संस्थान में प्रवेश नहीं लेगा और न ही अन्य उपाधि हेतु परीक्षा में शामिल होगा । यदि कोई छात्र / छात्रा इस नियम का उल्लघन कर परीक्षा में शामिल हो जाता है तो विश्वविद्यालय द्वारा उसकी परीक्षा निरस्त कर दी जायेगी । उदाहरणार्थ- बी.ए. / बी.एस – सी . / बी . कॉम . में अध्ययनरत संस्थागत छात्र / छात्रा .बी.टी.सी . / पॉलिटेक्निक / फार्मेसी / आई.टी.आई. / अन्य कक्षाओं में प्रवेश नहीं ले सकते हैं ।
• उत्तराखण्ड प्रदेश से बाहर के अभ्यर्थियों को प्रवेश के समय अपना पुलिस सत्यापन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा ।
• एक विषय में प्रवेश लेने वाले छात्र / छात्राओं को शुल्क विश्वविद्यालय / महाविद्यालय के नियमों के आधार पर देना होगा ।
• राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान ( पूर्वतः रा.मु.वि. ) मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सीनियर सेकेण्डरी स्कूल ( 10 + 2 ) पांच विषयों सहित उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को स्नातक प्रथम वर्ष में नियमानुसार प्रवेश दिया जायेगा ।
• यदि प्रवेशार्थी पूर्व सत्र / सत्रों में महाविद्यालय के संस्थागत विद्यार्थी रहे हों तो प्रवेश के लिए आवेदन करने से पूर्व उन्हे पुस्तकालय की समस्त पुस्तकें वापस करनी होंगी ।
• प्रवेश के समय विद्यार्थियों को विषयों का चयन अच्छी प्रकार सोच समझकर करना होगा । शुल्क जमा होने के पश्चात किसी भी स्थिति में विषय परिवर्तन नहीं होगा ।