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प्राचार्य की कलम से
कोई भी महाविद्यालय विद्यार्थियों के लिए अपनी प्रतिभाओं को समझने एवं संवारने का महत्वपूर्ण स्थान होता है । महाविद्यालय में पठन – पाठन , अनुशासन तथा पाठ्येत्तर गतिविधियाँ विद्यार्थियों को जीवन के अनुभवों , भविष्य की सम्भावनाओं तथा चुनौतियों का सामना करने की क्षमता प्रदान करते हैं । हमारे विद्यार्थी हमारी सम्पदा एवं महाविद्यालय का गौरव हैं । हमारे द्वारा अपने विद्यार्थियों द्वारा न्यूनतम संसाधनों के उपरान्त भी अपनी योग्यता, क्षमता एवं अपने कठिन परिश्रम एवं अनुशासन प्रियता से एक बेहतरीन विद्यार्थी, अध्येता बन कर दिखाया हैं । इसमें महाविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना अन्य सभी संसाधनों एवं घटको का महाविद्यालय के विकास में क्षेत्रवासियों, अभिभावकों, उद्योग प्रबन्धकों एवं जन प्रतिनिधियों का भी उल्लेखनीय योगदान रहा है । यह हम सबके प्रयासों का ही प्रतिफल है कि यह नव स्थापित महाविद्यालय इतने कम समय में ही सभी मानकों पर खरा उतरने की कतार में खड़ा हो सका है ।
विश्वास है कि हमारे विद्यार्थी भविष्य में भी अपने धैर्य, परिश्रम एवं अनुशासन से शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी अपने कर्तव्यपरायणता एवं समस्त क्षेत्रवासी अपने सहयोग एवं मार्गदर्शन से महाविद्यालय की वृद्धि तथा विकास में अपना अमूल्य योगदान प्रदान कर उच्च शिक्षा के इस मन्दिर में अपनी आहूति देते रहेंगे ।