महाविद्यालय स्तर पर संकायवार सीटों का निर्धारण


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महाविद्यालय
स्तर पर संकायवार सीटों
का निर्धारण

मा. उच्च न्यायालय नैनीताल में दायर PLI No 164/2013 के आलोक में दिनांक 11-04-2014 को निर्मत अन्तरिम आदेश शासन द्वारा निर्गत निर्देशों एवं पत्रांक मान्यता / 1843 / 1844 दिनांक 21-01-2015 एवं पत्रांक विविध / 1938 / दिनांक 25-03-2015 के अनुसार इस महाविद्यालय में प्रत्येक विषय में सत्र 2015-16 में सीटों की संख्या – निर्धारित किया गया है ।

संकायवार प्रवेश नियम

स्नातक विज्ञान वर्ग (NEP – 2020 पाठ्यक्रम) में प्रवेश हेतु नियम

                स्नातक विज्ञान वर्ग के बी.एस – सी . प्रथम वर्ष में मेरिट के आधार पर उन्हीं छात्र छात्राओ को प्रवेश दिया जायेगा जो इण्टरमीडिएट स्तर तक विज्ञान के छात्र रहे हैं । अनुवर्ग का चयन करते समय प्रवेशार्थी को यह ध्यान रखना होगा कि चयनित वैकल्पिक विषयों में से कम से कम दो ऐसे विषय होंगे, जिन्हें छात्र / छात्रा ने इण्टरमीडिएट स्तर तक पढ़ा हो । छात्र / छात्रा निम्नलिखित अनुवर्गों में से कोई एक अनुवर्ग ले सकते हैं

1.भौतिक विज्ञान (60)

2.गणित  (60)

3.रसायन विज्ञान (120)

4.वनस्पति विज्ञान (60)

5.जन्तु विज्ञान (60)

स्नातक कला वर्ग ( NEP – 2020 पाठ्यक्रम ) में प्रवेश हेतु नियम

                स्नातक कला वर्ग के बी.ए. प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिये इण्टरमीडिएट में न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक आवश्यक है । परन्तु प्रवेश मेरिट आधार पर उपलब्ध स्थानों के ही दिये जायेंगे ।

  1. हिन्दी (120)
  2. अंग्रेजी (120)
  3. शिक्षाशास्त्र (120)
  4. अर्थशास्त्र (120)
  5. राजनीतिशास्त्र (120)
  6. इतिहास (120)

NEP -2020 के अधीन विषयों का चयन एवं आवंटन

                सर्वप्रथम विद्यार्थी परिसर / महाविद्यालय ने अपने संकाय का चुनाव स्नातक स्तर पर अपने प्रवेश पर ही करेगा । परिसर / महाविद्यालय उपलब्ध सीटों के आधार पर विद्यार्थी को संबंधित संकाय में प्रवेश दे सकेंगे । प्रवेश अर्हता परीक्षा में कुल प्राप्तांक प्रतिशत तथा अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर तैयार की गई योग्यताक्रम सूची के अनुसार अभिलेखों की उचित जाँच पड़ताल कर परिसर /महाविद्यालयों / संस्थानों द्वारा किये जायेंगे ।

स्नातक प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश हेतु विषय वर्ग / संकाय के लिए पूर्व पात्रता ( Pre – requisite )          

1             विज्ञान वर्ग के विषयों से इंटरमीडिएट करने वाला छात्र / छात्रा स्नातक स्तर पर विज्ञान संकाय कला संकाय वाणिज्य संकाय तथा कृषि संकाय के अंतर्गत प्रवेश प्राप्त करने के लिए पात्र होगा ।

2             कला वर्ग के विषयों से इंटरमीडिएट करने वाला छात्र / छात्रा स्नातक स्तर पर कला संकाय एवं वाणिज्य संकाय के अंतर्गत प्रवेश करने के योग्य होगा ।

3             वाणिज्य वर्ग के विषयों से इंटरमीडिएट करने वाला छात्र / छात्रा स्नातक स्तर पर वाणिज्य संकाय अथवा कला संकाय के अंतर्गत प्रवेश प्राप्त करने के लिए पात्र होगा ।

4             कृषि वर्ग के विषयों से इंटरमीडिएट करने वाला छात्र / छात्रा स्नातक स्तर पर कृषि  सकाय तथा कला संकाय के अंतर्गत प्रवेश प्राप्त करने के लिए पात्र होगा ।

5             व्यवसायिक वर्ग के विषयों से इंटरमीडिएट करने वाले छात्र / छात्रा स्नातक स्तर पर कला संकाय के अंतर्गत प्राप्त करने के लिए पात्र होगा ।

मुख्य ( Major ) विषय तथा गौण चयनित ( Minor Elective ) पेपर

6             विद्यार्थी को प्रवेश के समय एक संकाय ( कला, विज्ञान, वाणिज्य आदि ) का चुनाव करना होगा और उसे उस संकाय के दो मुख्य ( Major ) विषयों का चुनाव करना होगा । यह संकाय विद्यार्थी का अपना संकाय ( Own faculty ) कहलायेगा जिसका अध्ययन यह तीन वर्ष ( प्रथम से छठें) सेमेस्टर तक कर सकता है ।

7             तीसरे मुख्य ( Major ) विषय का चुनाव विद्यार्थी किसी भी अपने संकाय सहित अन्य संकाय से कर सकता है ।

8             विद्यार्थी द्वितीय / तृतीय वर्ष में मुख्य विषय बदल सकता है अथवा उनके क्रम में परिवर्तन कर सकता है ।

9             विद्यार्थी को विश्वविद्यालय / महाविद्यालयों में विषयों की उपलब्धता के आधार पर नियमानुसार विषय परिवर्तन की सुविधा होगी, परन्तु वह एक वर्ष के बाद ही विषय परिवर्तित कर सकता है, एक सेमेस्टर के बाद नहीं ।

10             माइनर इलेक्टिव कोर्स किसी भी विषय में 4 क्रेडिट का होगा ।

11            मेजर / माइनर इलेक्टिव विषय विद्यार्थी को किसी भी संकाय से लेना होगा और इसके लिए किसी भी Pre- requisite की आवश्यकता नहीं होगी ।

12             बहुविषयकता सुनिश्चित करने के लिए स्नातक स्तर पर माइनर इलेक्टिव विषय सभी विद्यार्थियों को किसी भी चौथे विषय ( उसके द्वारा लिये गये तीन मुख्य विषयों के अतिरिक्त ) लेना होगा ।

13             तीसरे मुख्य ( मेजर ) इलेक्टिव विषय तथा माइनर इलेक्टिव विषय का चयन विद्यार्थी द्वारा इस प्रकार किया जायेगा कि इनमें से कम से कम एक अनिवार्यतः अपने संकाय के अतिरिक्त अन्य संकाय से हो । किसी संस्था में एक ही संकाय की स्थिति में अथवा संस्थान के स्तर पर अपने संस्थान के अन्य विभाग से लिया जा सकता है । माइनर इलेक्टिव कोर्स ऑनलाइन माध्यम से भी पूरा किया जा सकता है ।

14             विद्यार्थी को प्रथम, द्वितीय वर्ष ( स्नातक ) में माइनर इलेक्टिव विषय ( एक माइनर विषय / पेपर / प्रति वर्ष ) लेना अनिवार्य होगा । विश्वविद्यालय महाविद्यालय उपलब्ध सीटों के आधार पर माइनर विषय को आंवाटित कर सकता है । तृतीय पांचवे एवं छठवें वर्ष में माइनर इलेक्टिव पेपर अनिवार्य नहीं होगा ।

15             विद्यार्थी अपनी सुविधा से सम अथवा विषम सेमेस्टर में उपलब्ध माइनर इलेक्टिव विषय का चुनाव कर सकता है ।

16             माइनर इलेक्टिव विषय का चुनाव संस्थान में संचालित विषयों के अनुरूप किया जायेगा चुने हुए माइनर विषय / पेपर की कक्षायें फैकल्टी में संचालित उसी कोर्स की कक्षाओं के साथ होगी तथा उसकी परीक्षा भी उसी के साथ संचालित की जायेगी ।

विश्वविद्यालय के नियम अन्तिम रूप से प्रभावी माने जाएंगे ।

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