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सूचना का अधिकार
इकीसवी सदी सूचना एवं संचार की है । इस संचार क्रान्ति के प्रथम चरण में जैसे ही भारत प्रवेश किया ठीक उसी समय जन समूहों की मांगों एवं न्यायिक निर्णयों के आलोक में सूचना का अधिकार अभिनियम – 2005 पारित हुआ । सूचना संचार का पूरक बना, संचार क्रान्ति को गति प्रदान किया सूचना क्रान्ति ने । कोई भी नागरिक सूचना का अधिकार अभिनियम – 2005 एवं समय – समय पर उतराखण्ड शासन द्वारा निर्गत नियमों के अधीन सूचना महाविद्यालय पटल से प्राप्त कर सकता है ।
सूचना का अधिकार 1. आरटीआई अधिनियम की धारा 4 के 17 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर संगठन, कर्तव्यों और अधिकारियों और कर्मचारियों की शक्तियों आदि के बारे में मैनुअल तैयार किया गया है । जो की कार्यालय अधीक्षक के पास महाविद्यालय में उपलब्ध है । इसके किसी भी भाग की प्रति कोई भी व्यक्ति दस रुपये देकर प्राप्त कर सकता है । प्रति पृष्ठ दो रुपये रुपये की दर से प्रति सत्यापित छायाप्रति प्राप्त किया जा सकता है ।
एक व्यक्ति, जो इस अधिनियम के तहत कोई भी जानकारी प्राप्त करना चाहता है, लिखित रूप में या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अंग्रेजी या हिंदी में, उसकी फीस के साथ, जैसा कि निर्धारित किया गया है । लोक सूचना अधिकारियों को मांगी गई जानकारी का विवरण निर्दिष्ट करते हुए अनुरोध करना होगा ।
- महाविद्यालय द्वारा निम्न पदाधिकारियों के माध्यम से सूचना का अधिकार अभिनियम – 2005 के नियानुसार सूचना प्राप्त किया जा सकता है । जिसका विवरण निमन्वत है –
क्रम लोकसूचना अधिकारी पद दूरभाष पत्राचार का पता
1 डॉ.के.एस.जौहरी लोकसूचना अधिकारी 9412995782 लोकसूचना अधिकारी, एस.बी.के.आर. राजकीय महाविद्यालय चुड़ियाला भगवानपुर हरिद्वार उत्तराखण्ड – 247661
2 डॉ.सी.पी.सिंह सहायक
लोकसूचना अधिकारी 955748950 लोकसूचना अधिकारी, एस.बी.के.आर. राजकीय महाविद्यालय चुड़ियाला भगवानपुर हरिद्वार उत्तराखण्ड – 247661
सूचना का अधिकार अभिनियम – 2005 PDF
उतराखण्ड शासन द्वारा निर्गत नियम PDF